वेदना की शांति [ प्रगीत संग्रह ]


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 वेदना की शांति
 कविता संग्रह 


रचनाकार
 देवचंद्र भारती 'प्रखर' 
M.A. B.Ed NET 
हिंदी प्रवक्ता - डिग्री कॉलेज आवाजापुर चंदौली, उत्तर प्रदेश 
 मो० : 9454199538


प्रकाशन वर्ष  :  2012


 प्रकाशक
 धम्म साहित्य प्रकाशन 
चंदौली उत्तर प्रदेश, भारत

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भूमिका 

शब्दार्थ के तौर पर वेदना को दुख, पीड़ा, कष्ट, ठेस आदि के नामों से भी जाना जाता है । परिभाषा के रूप में - " कटु अनुभव के द्वारा मन में उत्पन्न भाव ही वेदना है । " एक ही देश, परिवेश, समाज और परिस्थिति में पले - बढ़े मनुष्यों की वेदना एक ही प्रकार की नहीं होती । किसी भी मनुष्य के मन में वेदना की अनुभूति उसकी भावना और चेतना पर निर्भर करती है । क्षेत्र एवं परिस्थिति के आधार पर वेदना मानसिक, शारीरिक, शैक्षिक, साहित्यिक, सामाजिक, धार्मिक, राजनैतिक, राष्ट्रीय आदि कई प्रकार की होती है । 'वेदना की शांति' नामक इस प्रगीत संग्रह की पुस्तक में मैंने अपने द्वारा अनुभव की गई वेदना को काव्य का रूप दिया है । इसके अतिरिक्त मेरी मानसिक वेदना जिन कारणों से शांत हुई तथा जो वास्तव में वेदना की शांति के यथार्थ कारक हैं, मैंने उन्हें भी रचनाबद्ध करके इस पुस्तक में सम्मिलित किया है । कहने का तात्पर्य, इस संग्रह में वेदना के कारण और निवारण दोनों हैं । इस पुस्तक में हैं इस पुस्तक में संग्रहीत सभी प्रगीत संगीतमय लय में रचित हैं, जिन्हें संगीत के साथ आकर्षक तरीके से गाया जा सकता है । मेरी मानसिक वेदना की शांति में सहायक मेरे मार्गदर्शक व आदर्श कवि श्रद्धेय प्रबुद्ध नारायण बौद्ध जी का मैं हृदय से आभारी हूं ।

6 दिसंबर 2018 अंबेडकर परिनिर्वाण दिवस 

                          _ देवचंद्र भारती 'प्रखर'

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